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आर्थिक झटके

दिल्ली में LPG संकट गहराया: ब्लैक में ₹5000 तक बिक रहा सिलेंडर, 12 रेस्टोरेंट बंद

Admin March 12, 2026 60 Views
दिल्ली में LPG संकट गहराया: ब्लैक में ₹5000 तक बिक रहा सिलेंडर, 12 रेस्टोरेंट बंद

दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि कई जगहों पर सिलेंडर ब्लैक मार्केट में 5,000 रुपये तक में बेचा जा रहा है। गैस की कमी का सबसे बड़ा असर होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक राजधानी दिल्ली में कम से कम 12 रेस्टोरेंट को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है क्योंकि उनके पास खाना पकाने के लिए गैस उपलब्ध नहीं है।

गैस की कमी से बंद हुए रेस्टोरेंट

दिल्ली के कई रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि उनके पास इस्तेमाल के लिए गैस सिलेंडर ही नहीं बचा है। कई जगहों पर किचन में खाना बनाना पूरी तरह बंद करना पड़ा। कुछ रेस्टोरेंट ने मेन कोर्स सर्व करना भी बंद कर दिया है क्योंकि बिना गैस के खाना बनाना संभव नहीं है।

दिल्ली हाई कोर्ट के वकीलों की कैंटीन में भी एलपीजी सिलेंडर की कमी के कारण मुख्य भोजन बनाना बंद कर दिया गया है और केवल ऐसे फूड आइटम परोसे जा रहे हैं जिन्हें पकाने की जरूरत नहीं होती, जैसे सैंडविच और सलाद।

ब्लैक मार्केट में ₹5000 तक पहुंची कीमत

गैस की भारी कमी के कारण कुछ लोग इसका फायदा उठाकर ब्लैक मार्केटिंग कर रहे हैं। रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि सामान्य कीमत से कई गुना ज्यादा रकम मांगकर सिलेंडर बेचे जा रहे हैं।

कुछ कारोबारियों ने बताया कि उन्हें एक कमर्शियल सिलेंडर के लिए 5,000 रुपये या उससे भी ज्यादा कीमत बताई जा रही है। यह कीमत आधिकारिक दर से कई गुना अधिक है, जिसके कारण छोटे रेस्टोरेंट और ढाबे संचालन जारी नहीं रख पा रहे।

क्यों आई LPG की कमी

विशेषज्ञों के अनुसार इस गैस संकट के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण भी हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। भारत में एलपीजी का एक बड़ा हिस्सा आयात किया जाता है, इसलिए वैश्विक सप्लाई चेन में व्यवधान का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ रहा है।

सरकार ने इस स्थिति को देखते हुए घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। इसी कारण कमर्शियल सेक्टर को मिलने वाली गैस की आपूर्ति कुछ जगहों पर कम कर दी गई है। इससे होटल, रेस्टोरेंट और फूड सर्विस इंडस्ट्री पर दबाव बढ़ गया है।

PNG सप्लाई में भी आई कमी

स्थिति को और मुश्किल तब बना दिया जब पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सप्लाई में भी लगभग 20% तक कटौती की खबर सामने आई। दिल्ली में कई रेस्टोरेंट PNG पर भी निर्भर रहते हैं।

जब PNG की सप्लाई कम हुई और LPG भी उपलब्ध नहीं रही, तो कई व्यवसायों के पास रसोई चलाने का कोई विकल्प नहीं बचा। कुछ जगहों पर रेस्टोरेंट मालिकों को इंडक्शन या इलेक्ट्रिक कुकिंग का सहारा लेना पड़ा, लेकिन यह व्यावसायिक स्तर पर काफी महंगा साबित हो रहा है।

रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर संकट

नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन का कहना है कि अगर गैस की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो देशभर में हजारों रेस्टोरेंट बंद हो सकते हैं।

दिल्ली-एनसीआर में करीब डेढ़ लाख से अधिक छोटे-बड़े फूड बिजनेस ऐसे हैं जो कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर पर निर्भर हैं। अगर यह संकट लंबा चला तो न केवल कारोबार प्रभावित होगा बल्कि लाखों लोगों की नौकरियों पर भी खतरा पैदा हो सकता है।

छोटे व्यापारियों पर सबसे ज्यादा असर

सबसे ज्यादा असर छोटे ढाबों, स्ट्रीट फूड वेंडर्स और क्लाउड किचन पर पड़ा है। ये व्यवसाय रोजाना कई सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं और इनके पास गैस का बड़ा स्टॉक रखने की क्षमता भी नहीं होती।

ऐसे में जैसे ही सप्लाई रुकती है, उनका काम तुरंत बंद हो जाता है। कई विक्रेताओं का कहना है कि अगर स्थिति कुछ दिनों में नहीं सुधरी तो उन्हें अपना कारोबार बंद करना पड़ सकता है।

सरकार की प्रतिक्रिया

सरकार का कहना है कि घरेलू एलपीजी की सप्लाई पर्याप्त है और आम उपभोक्ताओं को चिंता करने की जरूरत नहीं है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जल्द ही कमर्शियल गैस सप्लाई को स्थिर करने के उपाय किए जा सकते हैं।

फिलहाल दिल्ली-एनसीआर के रेस्टोरेंट मालिक उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही गैस की सप्लाई सामान्य हो जाए, वरना आने वाले दिनों में और भी कई किचन बंद हो सकते हैं।

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