Trending
गुड फ्राइडे क्यों मनाया जाता है? जानिए ईसा मसीह के बलिदान से जुड़ा इस पवित्र दिन का इतिहास और महत्व गर्मी की छुट्टियों में बच्चों के साथ कहां घूमने जाएं? भारत की ये 8 जगहें फैमिली ट्रिप के लिए हैं सबसे बेहतरीन गर्मी में सुबह कौन-से फल खाना चाहिए? जानिए हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार सबसे फायदेमंद समर फ्रूट्स आज का राशिफल: जानिए मेष से मीन तक किस राशि के लिए कैसा रहेगा आज का दिन, किसे मिलेगा लाभ और किसे रहना होगा सावधान Share Market में बड़ी गिरावट: Sensex 1700 अंक लुढ़का, Nifty 23,000 के नीचे — जानिए बाजार क्यों टूटा Box Office पर ‘धुरंधर 2’ का तूफान: 9 दिन में कमाई ने तोड़े कई रिकॉर्ड, फिल्म को मिल रहा जबरदस्त रिस्पॉन्स नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन: उत्तर भारत को मिलेगा नया एयर कनेक्शन, विकास को मिलेगी रफ्तार IPL 2026 का आगाज़ आज से: जानिए पहला मैच किसके बीच होगा, कब और कहां खेले जाएंगे मुकाबले आज का राशिफल 28 मार्च 2026: इन राशियों की चमकेगी किस्मत, जानिए मेष से मीन तक कैसा रहेगा आपका दिन क्या भारत में फिर लग सकता है लॉकडाउन? पीएम मोदी के बयान को लेकर सच्चाई क्या है गुड फ्राइडे क्यों मनाया जाता है? जानिए ईसा मसीह के बलिदान से जुड़ा इस पवित्र दिन का इतिहास और महत्व गर्मी की छुट्टियों में बच्चों के साथ कहां घूमने जाएं? भारत की ये 8 जगहें फैमिली ट्रिप के लिए हैं सबसे बेहतरीन गर्मी में सुबह कौन-से फल खाना चाहिए? जानिए हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार सबसे फायदेमंद समर फ्रूट्स आज का राशिफल: जानिए मेष से मीन तक किस राशि के लिए कैसा रहेगा आज का दिन, किसे मिलेगा लाभ और किसे रहना होगा सावधान Share Market में बड़ी गिरावट: Sensex 1700 अंक लुढ़का, Nifty 23,000 के नीचे — जानिए बाजार क्यों टूटा Box Office पर ‘धुरंधर 2’ का तूफान: 9 दिन में कमाई ने तोड़े कई रिकॉर्ड, फिल्म को मिल रहा जबरदस्त रिस्पॉन्स नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन: उत्तर भारत को मिलेगा नया एयर कनेक्शन, विकास को मिलेगी रफ्तार IPL 2026 का आगाज़ आज से: जानिए पहला मैच किसके बीच होगा, कब और कहां खेले जाएंगे मुकाबले आज का राशिफल 28 मार्च 2026: इन राशियों की चमकेगी किस्मत, जानिए मेष से मीन तक कैसा रहेगा आपका दिन क्या भारत में फिर लग सकता है लॉकडाउन? पीएम मोदी के बयान को लेकर सच्चाई क्या है
शेयर बाजार

Share Market में बड़ी गिरावट: Sensex 1700 अंक लुढ़का, Nifty 23,000 के नीचे — जानिए बाजार क्यों टूटा

Admin March 28, 2026 9 Views
Share Market में बड़ी गिरावट: Sensex 1700 अंक लुढ़का, Nifty 23,000 के नीचे — जानिए बाजार क्यों टूटा

भारतीय शेयर बाजार में हाल के दिनों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसमें BSE Sensex करीब 1700 अंकों तक गिर गया और Nifty 50 भी 23,000 के नीचे फिसल गया। इस गिरावट से निवेशकों को बड़ा झटका लगा और कुछ ही घंटों में बाजार पूंजीकरण से लगभग 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति साफ हो गई

विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट केवल घरेलू कारणों से नहीं बल्कि कई वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक घटनाओं के कारण आई है। हाल के समय में वैश्विक बाजारों में अस्थिरता, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है।

वैश्विक तनाव का असर

विशेषज्ञों के अनुसार शेयर बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव है। ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक संकट के कारण दुनिया भर के बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है।

इस संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और यह भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए चिंता का विषय है। जब तेल महंगा होता है तो देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ता है और इसका असर सीधे शेयर बाजार पर दिखाई देता है।

रुपये की कमजोरी ने बढ़ाई चिंता

हाल के दिनों में भारतीय मुद्रा रुपये में भी कमजोरी देखने को मिली है। रिपोर्ट्स के अनुसार रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड स्तर तक गिर गया है और 94 रुपये प्रति डॉलर के पार चला गया।

रुपये में गिरावट से विदेशी निवेशकों का भरोसा कमजोर होता है और कई बार वे भारतीय बाजार से पैसा निकालना शुरू कर देते हैं। इसका सीधा असर शेयर बाजार की चाल पर पड़ता है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

शेयर बाजार में गिरावट का एक बड़ा कारण Foreign Institutional Investors (FII) की बिकवाली भी है।

हाल के हफ्तों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से अरबों डॉलर की निकासी की है। जब बड़े निवेशक बाजार से पैसा निकालते हैं तो बाजार में भारी गिरावट देखने को मिलती है।

विशेषज्ञों के अनुसार फरवरी के अंत से अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटी बाजार से अरबों डॉलर निकाल लिए हैं, जिससे बाजार में बेचने का दबाव बढ़ गया है।

किन सेक्टरों में सबसे ज्यादा गिरावट

इस गिरावट के दौरान लगभग सभी सेक्टरों में कमजोरी देखने को मिली।

खास तौर पर बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट सेक्टर के शेयरों में ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। इन सेक्टरों की बड़ी कंपनियों के शेयर नीचे आने से पूरे बाजार पर असर पड़ा।

हालांकि कुछ आईटी कंपनियों के शेयरों में अपेक्षाकृत कम गिरावट देखी गई, क्योंकि निवेशक अस्थिर माहौल में अपेक्षाकृत सुरक्षित सेक्टरों की ओर रुख कर रहे हैं।

तकनीकी कारण भी बने गिरावट की वजह

विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में तकनीकी कारणों से भी गिरावट तेज हो सकती है।

जब बाजार महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल के नीचे जाता है तो कई ट्रेडर्स अपने स्टॉप-लॉस ऑर्डर सक्रिय कर देते हैं। इससे अचानक बड़ी मात्रा में शेयर बिकने लगते हैं और बाजार तेजी से गिर सकता है।

क्या आगे और गिर सकता है बाजार

विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

अगर वैश्विक तनाव कम नहीं हुआ और कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं तो बाजार पर दबाव बना रह सकता है।

हालांकि कई विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद के कारण लंबे समय में बाजार में फिर से तेजी लौट सकती है।

निवेशकों को क्या करना चाहिए

ऐसे समय में निवेशकों को घबराने के बजाय सावधानी से निवेश करने की सलाह दी जाती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में गिरावट के दौरान मजबूत कंपनियों के शेयरों में लंबी अवधि के लिए निवेश करना फायदेमंद साबित हो सकता है।

इसके अलावा निवेशकों को अफवाहों के आधार पर निर्णय लेने से बचना चाहिए और अपने निवेश को विविध क्षेत्रों में बांटना चाहिए।

निष्कर्ष

भारतीय शेयर बाजार में हाल की गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। Sensex और Nifty में आई बड़ी गिरावट के पीछे वैश्विक तनाव, महंगे कच्चे तेल, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और रुपये की कमजोरी जैसे कई कारण जिम्मेदार हैं।

हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और लंबी अवधि में भारतीय बाजार में अभी भी मजबूत संभावनाएं बनी हुई हैं।

Leave a Comment

Comments