Delhi Water Crisis: दिल्ली के कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत, जानिए कब तक सुधरेगी सप्लाई और क्या है पूरा मामला
Delhi Water Crisis News: राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में इन दिनों पानी की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। खासकर सेंट्रल दिल्ली, नॉर्थ दिल्ली और NDMC इलाके में रहने वाले लोगों को पिछले कुछ दिनों से पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगहों पर पानी की सप्लाई या तो पूरी तरह बंद है या फिर बहुत कम प्रेशर के साथ आ रही है। ऐसे में लोगों को टैंकर के सहारे पानी की जरूरत पूरी करनी पड़ रही है।
इस बीच दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने भी माना है कि राजधानी के कुछ हिस्सों में पानी की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसके पीछे मुख्य कारण चंद्रावल वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की पाइपलाइन में खराबी और मेंटेनेंस का काम बताया जा रहा है।
क्या है पानी की किल्लत की बड़ी वजह
जानकारी के मुताबिक दिल्ली के पुराने Chandrawal Water Treatment Plant के पास मुख्य पाइपलाइन में खराबी आने के कारण पानी की सप्लाई प्रभावित हुई है।
हाल ही में प्लांट के पास एक मेन पाइपलाइन फटने और मशीनरी में पानी घुसने के कारण कुछ समय के लिए प्लांट की क्षमता कम हो गई थी। इसके चलते कई इलाकों में पानी की सप्लाई रोकनी पड़ी।
बताया जा रहा है कि प्लांट में आई खराबी को ठीक करने और मशीनों को फिर से चालू करने में करीब चार दिन तक का समय लगा, जिसके बाद धीरे-धीरे सप्लाई सामान्य की जा रही है।
इसके अलावा दिल्ली की पानी की सप्लाई पर एक और बड़ा असर यमुना नदी के पानी की गुणवत्ता का भी पड़ा है। कई बार यमुना में प्रदूषण और अमोनिया का स्तर बढ़ने के कारण वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट को कम क्षमता पर चलाना पड़ता है।
किन इलाकों में सबसे ज्यादा असर
दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार पानी की कमी का असर राजधानी के कई हिस्सों में देखा जा रहा है।
इन इलाकों में सप्लाई कम प्रेशर पर आ रही है या कुछ समय के लिए बंद रही है:
- करोल बाग
- पहाड़गंज
- पटेल नगर
- राजेंद्र नगर
- सिविल लाइंस
- कमला नगर
- जंधेवाला
- NDMC क्षेत्र
- कश्मीरी गेट
- ITO
- मॉडल टाउन
- शालीमार बाग
- पंजाबी बाग
- बुराड़ी
- साउथ एक्सटेंशन
- ग्रेटर कैलाश
इन इलाकों में रहने वाले लोगों ने सोशल मीडिया और स्थानीय प्रशासन से शिकायत की है कि कई जगहों पर दो से तीन दिन तक पानी नहीं आया।
दिल्ली में पानी की समस्या नई नहीं
दिल्ली में पानी की समस्या नई नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार राजधानी की आबादी तेजी से बढ़ रही है, जबकि पानी की सप्लाई और पाइपलाइन सिस्टम काफी पुराना हो चुका है।
रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली की लगभग 50 प्रतिशत पानी की पाइपलाइन 20 से 30 साल पुरानी है। इन पुरानी पाइपलाइनों में अक्सर लीकेज, पाइप फटने और पानी के नुकसान जैसी समस्याएं सामने आती रहती हैं।
दिल्ली में करीब 16,000 किलोमीटर लंबा पाइपलाइन नेटवर्क है, जिसमें से हजारों किलोमीटर पाइपलाइन काफी पुरानी हो चुकी हैं। इसके कारण कई जगहों पर पानी का दबाव कम हो जाता है या सप्लाई बाधित हो जाती है।
दिल्ली को रोज कितना पानी चाहिए
राजधानी दिल्ली की आबादी लगभग ढाई करोड़ के करीब पहुंच चुकी है। इतनी बड़ी आबादी को पानी उपलब्ध कराने के लिए रोजाना भारी मात्रा में पानी की जरूरत पड़ती है।
विशेषज्ञों के अनुसार दिल्ली को रोज करीब 1250 MGD (मिलियन गैलन प्रति दिन) पानी की जरूरत होती है।
लेकिन फिलहाल दिल्ली के सभी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट मिलाकर करीब 990 से 1000 MGD पानी ही सप्लाई कर पाते हैं।
यानी पहले से ही दिल्ली में पानी की कमी रहती है और जब किसी प्लांट में खराबी आ जाती है तो स्थिति और गंभीर हो जाती है।
कब तक सुधरेगी पानी की सप्लाई
दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार चंद्रावल प्लांट की खराबी को काफी हद तक ठीक कर लिया गया है और अब धीरे-धीरे पानी की सप्लाई बहाल की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो अगले 24 से 48 घंटों के अंदर अधिकांश इलाकों में पानी की सप्लाई सामान्य हो सकती है।
हालांकि कुछ इलाकों में अभी भी कम प्रेशर के साथ पानी आ सकता है, क्योंकि पूरी पाइपलाइन प्रणाली को स्थिर होने में थोड़ा समय लगता है।
लोगों को टैंकर से मिल रहा पानी
पानी की कमी को देखते हुए दिल्ली जल बोर्ड ने कई इलाकों में पानी के टैंकर भेजने की व्यवस्था भी की है।
अगर किसी इलाके में पानी की सप्लाई नहीं पहुंच रही है तो लोग दिल्ली जल बोर्ड के हेल्पलाइन नंबर 1916 पर कॉल करके पानी का टैंकर मंगवा सकते हैं।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि पानी की बर्बादी न करें और इस दौरान पानी का इस्तेमाल सोच-समझकर करें।
भविष्य में कैसे सुधरेगी स्थिति
दिल्ली सरकार और दिल्ली जल बोर्ड राजधानी की पानी की समस्या को दूर करने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।
इनमें शामिल हैं:
- पुराने पाइपलाइन नेटवर्क को बदलना
- नए वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाना
- यमुना नदी की सफाई
- पानी के रिसाव को कम करना
बताया जा रहा है कि आने वाले वर्षों में दिल्ली में हजारों किलोमीटर नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे पानी की सप्लाई बेहतर हो सकेगी।
दिल्ली में इन दिनों पानी की किल्लत ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। खासकर सेंट्रल और नॉर्थ दिल्ली के कई इलाकों में लोग पानी के लिए परेशान हैं।
हालांकि अधिकारियों का कहना है कि चंद्रावल प्लांट की खराबी को ठीक किया जा रहा है और जल्द ही पानी की सप्लाई सामान्य हो जाएगी।
जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक लोगों को पानी का इस्तेमाल सावधानी से करने की सलाह दी गई है।
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