क्या पैकेट वाले आटा और पाउडर मसालों से बढ़ रही है किडनी स्टोन की समस्या? जानिए असली वजह और सही इस्तेमाल का तरीका
पिछले कुछ वर्षों में लोगों के खान-पान में बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां घरों में गेहूं को चक्की पर पिसवाकर आटा बनाया जाता था और मसाले घर में ही कूटकर या पीसकर तैयार किए जाते थे, वहीं आजकल ज्यादातर लोग बाजार से पैकेट वाला आटा और पाउडर मसाले खरीदकर इस्तेमाल करते हैं।
हाल के समय में कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों और आयुर्वेद से जुड़े लोगों ने यह चिंता जताई है कि ज्यादा प्रोसेस किए हुए आटा और मसालों के सेवन से कुछ लोगों में किडनी स्टोन (पथरी) की समस्या बढ़ती दिखाई दे रही है। हालांकि यह पूरी तरह से केवल इन चीजों के कारण होता है, ऐसा वैज्ञानिक रूप से हर मामले में साबित नहीं हुआ है, लेकिन कई डॉक्टरों का मानना है कि खान-पान और प्रोसेस्ड फूड का भी इसमें योगदान हो सकता है।
इसलिए यह समझना जरूरी है कि आटा और मसाले किस तरह तैयार होते हैं और उनका स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ सकता है।
किडनी स्टोन क्या होता है
किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी एक ऐसी स्थिति है जब शरीर में मौजूद कुछ मिनरल्स और नमक मिलकर छोटे-छोटे कठोर कण बना लेते हैं। ये कण धीरे-धीरे पत्थर जैसे बन जाते हैं और किडनी या यूरिनरी ट्रैक्ट में जमा हो सकते हैं।
डॉक्टरों के अनुसार पथरी बनने के पीछे कई कारण हो सकते हैं:
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शरीर में पानी की कमी
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ज्यादा नमक या प्रोसेस्ड फूड का सेवन
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कुछ मिनरल्स का असंतुलन
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आनुवंशिक कारण
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खान-पान की गलत आदतें
इसलिए यह जरूरी नहीं कि केवल आटा या मसाले ही पथरी का कारण हों, लेकिन आहार का इसमें बड़ा योगदान होता है।
पैकेट वाले आटे में क्या अंतर होता है
आजकल बाजार में मिलने वाला पैकेट वाला आटा बड़ी मशीनों में तैयार किया जाता है। इस प्रक्रिया में गेहूं को साफ करने, पीसने और पैक करने के कई चरण होते हैं।
कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े स्तर पर प्रोसेसिंग के दौरान कभी-कभी गेहूं का प्राकृतिक पोषण कम हो सकता है, खासकर अगर उसे लंबे समय तक स्टोर किया गया हो।
इसके अलावा कई बार आटे को महीन बनाने के लिए अत्यधिक मशीन प्रोसेसिंग की जाती है जिससे उसका फाइबर कम हो सकता है। फाइबर कम होने से पाचन पर असर पड़ सकता है।
हालांकि यह भी सच है कि सभी पैकेट वाले आटे खराब नहीं होते। कई कंपनियां अच्छी गुणवत्ता का आटा भी बनाती हैं।
पारंपरिक चक्की का आटा क्यों बेहतर माना जाता है
भारत में लंबे समय से लोग पारंपरिक पत्थर की चक्की से पिसा हुआ आटा इस्तेमाल करते रहे हैं। इस तरीके में गेहूं धीरे-धीरे पिसता है और उसका प्राकृतिक तेल और फाइबर काफी हद तक सुरक्षित रहता है।
पारंपरिक चक्की के कुछ फायदे माने जाते हैं:
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आटे में फाइबर ज्यादा रहता है
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पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं
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पाचन बेहतर होता है
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ताजगी बनी रहती है
इसी वजह से कई पोषण विशेषज्ञ आज भी ताजा पिसा हुआ आटा खाने की सलाह देते हैं।
मसालों के पाउडर से क्या फर्क पड़ता है
बाजार में मिलने वाले मसाले अक्सर पहले से पिसे हुए होते हैं और लंबे समय तक पैकेट में रखे जाते हैं। इस दौरान कई बार मसालों की खुशबू और प्राकृतिक गुण कम हो सकते हैं।
कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि कई पैकेट मसालों में नमी रोकने या रंग बनाए रखने के लिए कुछ एडिटिव्स भी मिलाए जा सकते हैं।
हालांकि सभी कंपनियों में ऐसा नहीं होता, लेकिन अगर मसाले बहुत पुराने या खराब गुणवत्ता के हों तो उनका स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
इलेक्ट्रिक चक्की और पत्थर की चक्की में अंतर
आजकल घरों में भी इलेक्ट्रिक ग्राइंडर और चक्की का इस्तेमाल बढ़ गया है। इन मशीनों में मसाले और अनाज तेजी से पीस जाते हैं।
लेकिन पारंपरिक पत्थर की चक्की में पीसने की प्रक्रिया धीमी होती है जिससे तापमान ज्यादा नहीं बढ़ता। इससे मसालों और अनाज के प्राकृतिक तेल सुरक्षित रहते हैं।
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक मशीनों में तेज गति से पीसने के कारण कभी-कभी गर्मी ज्यादा पैदा होती है, जिससे पोषक तत्वों पर असर पड़ सकता है।
हालांकि आधुनिक मशीनों में यह अंतर काफी कम हो गया है।
क्या सच में इससे पथरी की समस्या बढ़ रही है
डॉक्टरों के अनुसार किडनी स्टोन की समस्या केवल आटा या मसाले से नहीं होती। इसके पीछे कई कारण होते हैं जैसे:
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कम पानी पीना
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ज्यादा नमक या जंक फूड खाना
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शरीर में कैल्शियम या ऑक्सलेट का असंतुलन
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शारीरिक गतिविधि की कमी
हालांकि कुछ डॉक्टर यह जरूर कहते हैं कि अगर भोजन ज्यादा प्रोसेस्ड हो और उसमें प्राकृतिक पोषण कम हो तो शरीर पर उसका असर पड़ सकता है।
इसलिए संतुलित और ताजा भोजन खाना हमेशा बेहतर माना जाता है।
पथरी से बचने के लिए क्या करें
अगर आप किडनी स्टोन से बचना चाहते हैं तो कुछ आदतें अपनाना जरूरी है।
सबसे पहले पर्याप्त पानी पीना बेहद जरूरी है। डॉक्टर आमतौर पर दिनभर में 2.5 से 3 लीटर पानी पीने की सलाह देते हैं।
इसके अलावा:
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ताजा आटा और मसाले इस्तेमाल करें
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ज्यादा नमक और पैकेट फूड से बचें
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नियमित व्यायाम करें
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संतुलित आहार लें
इन आदतों से पथरी का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।
पैकेट वाला आटा और पाउडर मसाले आधुनिक जीवन का हिस्सा बन चुके हैं। हालांकि यह जरूरी नहीं कि ये सीधे तौर पर किडनी स्टोन का कारण बनते हों, लेकिन अत्यधिक प्रोसेस्ड भोजन और असंतुलित आहार से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जहां संभव हो वहां ताजा पिसा हुआ आटा और घर में पिसे मसाले इस्तेमाल करना बेहतर हो सकता है। साथ ही पर्याप्त पानी पीना और संतुलित भोजन करना भी जरूरी है।
स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर और खान-पान में सावधानी रखकर कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।
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