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संसद

लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव गिरा, संसद में 12 घंटे चली गरमागरम बहस

Admin March 12, 2026 75 Views
लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव गिरा, संसद में 12 घंटे चली गरमागरम बहस

नई दिल्ली: संसद में गुरुवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला जब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया। इस प्रस्ताव पर दो दिनों तक चली लंबी बहस के बाद सदन ने आवाज मत (voice vote) से इसे अस्वीकार कर दिया।

यह मामला संसद में काफी चर्चा का विषय बना रहा और विपक्ष तथा सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। लगभग 12 घंटे तक चली इस बहस में कई सांसदों ने अपनी-अपनी राय रखी। आखिरकार सदन ने स्पीकर के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया और ओम बिरला दोबारा अपनी कुर्सी पर लौट आए।

क्यों लाया गया था अविश्वास प्रस्ताव

विपक्षी दलों का आरोप था कि लोकसभा की कार्यवाही के दौरान स्पीकर विपक्ष को पर्याप्त मौका नहीं दे रहे हैं और सदन का संचालन निष्पक्ष तरीके से नहीं हो रहा। इसी को लेकर विपक्ष ने स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था।

हालांकि सरकार और सत्तारूढ़ दल के सांसदों ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उनका कहना था कि स्पीकर सदन की कार्यवाही संविधान और नियमों के अनुसार चला रहे हैं।

संसद में जोरदार बहस

इस मुद्दे पर संसद में जोरदार बहस हुई। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए।

बहस के दौरान कई सांसदों ने कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंच है और यहां सभी को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। वहीं कुछ सांसदों ने यह भी कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है।

ओम बिरला का बयान

अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद स्पीकर ओम बिरला ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि यह चर्चा लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बहस के दौरान सभी सांसदों को अपनी बात रखने का अवसर मिला और इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत होती है।

उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा में सभी सदस्य नियमों का पालन करते हुए काम करें ताकि संसद की गरिमा बनी रहे।

भारतीय संसदीय इतिहास में दुर्लभ घटना

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना भारतीय संसदीय इतिहास में बहुत दुर्लभ माना जाता है। स्वतंत्र भारत में ऐसे मामले बहुत कम सामने आए हैं जब स्पीकर को हटाने के लिए प्रस्ताव लाया गया हो।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटना ने संसद की कार्यवाही को लेकर देशभर में नई बहस छेड़ दी है।

आगे क्या

हालांकि प्रस्ताव गिरने के बाद यह मामला फिलहाल समाप्त हो गया है, लेकिन संसद के अंदर और बाहर इस मुद्दे पर राजनीतिक चर्चा जारी रहने की संभावना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में संसद के भीतर विपक्ष और सरकार के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ सकता है।

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