हिमाचल सरकार की बड़ी पहल: 18,925 आंगनवाड़ी केंद्र अब बनेंगे ‘आंगनवाड़ी सह-स्कूल’
शिमला, 3 मार्च — हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रारंभिक शिक्षा और पोषण व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य के सभी 18,925 आंगनवाड़ी केंद्रों को ‘आंगनवाड़ी सह-स्कूल’ के रूप में विकसित करने की ऐतिहासिक पहल की घोषणा की है। इस निर्णय का उद्देश्य बच्चों को प्रारंभिक स्तर पर ही पोषण और शिक्षा की एकीकृत सुविधा उपलब्ध कराना है।
क्या है योजना?
सरकारी जानकारी के अनुसार, इस पहल के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों को प्री-स्कूल शिक्षा से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, 14,464 विद्यालयों में किचन गार्डन विकसित किए जा रहे हैं ताकि बच्चों को ताजा और पोषक आहार उपलब्ध कराया जा सके।
आंगनवाड़ी सेवा योजना के अंतर्गत 113 करोड़ रुपये के व्यय का प्रावधान किया गया है। सरकार का दावा है कि इससे प्रदेश के लाखों बच्चों को सीधा लाभ मिलेगा।
पोषण और शिक्षा का एकीकृत मॉडल
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रारंभिक बाल्यावस्था में पोषण और शिक्षा का संतुलित संयोजन बच्चों के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस मॉडल के माध्यम से बच्चों को न केवल पौष्टिक भोजन मिलेगा, बल्कि बुनियादी शिक्षा की मजबूत नींव भी तैयार होगी।
संभावित प्रभाव
-
ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा तक पहुंच में सुधार
-
कुपोषण की दर में कमी
-
सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ने की संभावना
-
महिला कार्यकर्ताओं के लिए रोजगार स्थिरता
विपक्ष और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
जहां सरकार इस पहल को ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं कुछ शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि योजना की सफलता इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी। बुनियादी ढांचे, प्रशिक्षित स्टाफ और नियमित निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।
आगे क्या?
राज्य सरकार के अनुसार, इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं और निगरानी तंत्र भी विकसित किया जा रहा है।
Leave a Comment